नई दिल्ली/इस्लामाबाद: अमेरिकी ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम कंपनी Powerus ने पाकिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया है। कंपनी के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय से उसे मानव रहित हवाई प्रणालियों यानी Unmanned Aerial Systems (UAS) के लिए एक सीमित खरीद ऑर्डर मिला है। इसके साथ ही Powerus ने पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों के साथ एक रणनीतिक Memorandum of Understanding (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए हैं।
हालांकि इस समझौते की कुल कीमत, ड्रोन की संख्या और उनके सटीक मॉडल या तकनीकी क्षमताओं का खुलासा अभी नहीं किया गया है। कंपनी ने सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए इन जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया है।
Powerus और पाकिस्तान के बीच क्या हुआ?
Powerus के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने Reuters को बताया कि पाकिस्तान के साथ हुए MoU में कंपनी के सिस्टम के लिए शुरुआती ऑर्डर भी शामिल है। यह ऑर्डर मानव रहित हवाई प्रणालियों की श्रेणी में आता है।
Powerus की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कंपनी से UAS और उनसे जुड़ी सहायता के लिए सीमित खरीद ऑर्डर दिया है। कंपनी ने इसे अपने अंतरराष्ट्रीय रक्षा कारोबार के विस्तार की दिशा में एक कदम बताया है।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि MoU अपने आप में भविष्य की खरीद की गारंटी नहीं देता। Powerus के अनुसार, आगे की किसी भी बड़ी परियोजना या खरीद के लिए अलग और अंतिम समझौते तथा संबंधित सरकारी मंजूरियां जरूरी होंगी।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख से हुई Powerus की मुलाकात
यह घटनाक्रम 16 सितंबर 2026 को Powerus के एक प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान के जनरल हेडक्वार्टर, रावलपिंडी में हुई बैठक के बाद सामने आया।
प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के Chief of Defence Forces और Chief of Army Staff फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर से मुलाकात की। पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक में रक्षा खरीद, उत्पादन, दीर्घकालिक क्षमता निर्माण और रक्षा तकनीक में हो रहे बदलावों पर चर्चा हुई थी।
हालांकि, ISPR के शुरुआती बयान में सीधे तौर पर MoU या शुरुआती ऑर्डर का उल्लेख नहीं किया गया था। बाद में Powerus के अधिकारियों ने Reuters को समझौते और ऑर्डर की जानकारी दी।
डील की रकम और ड्रोन की संख्या अभी गुप्त
Powerus और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी सार्वजनिक नहीं है। कंपनी ने यह नहीं बताया है कि पाकिस्तान ने कितने ड्रोन या मानव रहित सिस्टम का ऑर्डर दिया है और इस ऑर्डर की कुल कीमत कितनी है।
कंपनी के अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता और गोपनीयता का हवाला देते हुए इन विवरणों को साझा करने से इनकार किया है। इसलिए फिलहाल सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर सामने आने वाले बिना पुष्टि वाले आंकड़ों को आधिकारिक जानकारी नहीं माना जा सकता।
पाकिस्तान में तकनीक विकसित करने की भी संभावना
Powerus के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने संकेत दिया है कि कंपनी केवल तैयार सिस्टम की बिक्री तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी पाकिस्तान में तकनीक विकसित करने या भविष्य में स्थानीय स्तर पर कुछ गतिविधियां शुरू करने की संभावनाएं भी तलाश रही है।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य अमेरिका और पाकिस्तान की तकनीकी क्षमताओं को जोड़कर एक संयुक्त तकनीकी संबंध विकसित करना हो सकता है। हालांकि स्थानीय उत्पादन या संयुक्त तकनीकी परियोजना को लेकर अभी कोई अंतिम विस्तृत समझौता सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इसका मतलब यह है कि मौजूदा समझौते को भविष्य में व्यापक रक्षा-तकनीकी सहयोग के लिए एक संभावित ढांचे के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसकी वास्तविक दिशा आगे होने वाले अंतिम समझौतों और सरकारी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
Powerus क्या करती है?
Powerus अमेरिका की एक रक्षा तकनीक कंपनी है, जो स्वायत्त और मानव रहित प्रणालियों पर काम करती है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, इसके कारोबार में हवाई और समुद्री ऑटोनॉमस सिस्टम शामिल हैं।
कंपनी का PowerAir डिवीजन भारी क्षमता वाले VTOL प्लेटफॉर्म और सामरिक मानव रहित हवाई प्रणालियों पर काम करता है। वहीं PowerSea डिवीजन समुद्री मानव रहित प्रणालियों और मैरीटाइम ऑटोनॉमी से जुड़ी तकनीक विकसित करता है। इन तकनीकों का उपयोग रक्षा, सीमा सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में किया जा सकता है।
Powerus का Trump परिवार से क्या संबंध है?
इस डील की चर्चा इसलिए भी हुई है क्योंकि Powerus का प्रस्तावित कॉरपोरेट विलय ऐसी कंपनी के साथ होना है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे Donald Trump Jr. और Eric Trump से जुड़े निवेश का उल्लेख अमेरिकी नियामकीय दस्तावेजों में किया गया है।
Powerus का Aureus Greenway Holdings के साथ विलय प्रस्तावित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, American Ventures के जरिए ट्रंप परिवार के दोनों बेटों की संयुक्त कंपनी में हिस्सेदारी होने की उम्मीद है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, विलय के बाद American Ventures की लाभकारी हिस्सेदारी लगभग 9.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
हालांकि Powerus के CEO एंड्रयू फॉक्स ने कहा है कि कंपनी के कारोबारी फैसले और कॉन्ट्रैक्ट योग्यता के आधार पर किए जाते हैं। Donald Trump Jr. के प्रवक्ता ने भी कहा कि वह एक निष्क्रिय निवेशक हैं और कंपनी के संचालन या कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
इसलिए ट्रंप परिवार से जुड़ी निवेश जानकारी को डील के व्यावसायिक और राजनीतिक संदर्भ के रूप में अलग-अलग समझना जरूरी है; उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों के बीच किसी प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिका-पाकिस्तान रक्षा संबंधों के संदर्भ में समझौता
Powerus और पाकिस्तान के बीच यह समझौता ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रक्षा और आर्थिक संबंधों को लेकर नए संपर्कों की खबरें आ रही हैं।
Powerus ने पाकिस्तान के रक्षा क्षेत्र में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं का उल्लेख किया है। वहीं पाकिस्तान की ओर से बैठक में रक्षा खरीद, उत्पादन और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
हालांकि इस एक समझौते के आधार पर अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की पूरी दिशा तय करना जल्दबाजी होगी। आने वाले समय में अंतिम खरीद समझौते, तकनीकी सहयोग और संभावित स्थानीय उत्पादन से इस साझेदारी की वास्तविक प्रकृति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
भारत और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए क्या मायने हैं?
पाकिस्तान की नई ड्रोन खरीद को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में चर्चा होना स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल सार्वजनिक जानकारी सीमित है। न तो ड्रोन के मॉडल, न उनकी संख्या और न ही उनके संभावित तैनाती क्षेत्र की आधिकारिक जानकारी सामने आई है।
इसलिए यह कहना कि इन प्रणालियों का इस्तेमाल किसी विशेष सीमा या सैन्य अभियान में किया जाएगा, वर्तमान सार्वजनिक तथ्यों के आधार पर पुष्ट नहीं है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि पाकिस्तान ने अमेरिकी कंपनी से मानव रहित हवाई प्रणालियों के लिए सीमित ऑर्डर लिया है और दोनों पक्षों ने भविष्य के सहयोग के लिए एक MoU किया है।
आगे क्या हो सकता है?
Powerus और पाकिस्तान के बीच समझौते का अगला चरण अंतिम अनुबंधों और सरकारी मंजूरियों पर निर्भर करेगा। यदि दोनों पक्ष व्यापक सहयोग के लिए आगे बढ़ते हैं, तो इसमें मानव रहित हवाई प्रणालियों की खरीद, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण, सहायता और संभावित स्थानीय उत्पादन जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल कंपनी ने केवल सीमित खरीद ऑर्डर की पुष्टि की है। इसके अलावा MoU भविष्य के संभावित सहयोग का ढांचा तैयार करता है, लेकिन यह अपने आप में किसी बड़े भविष्य के ऑर्डर की गारंटी नहीं है।
निष्कर्ष
अमेरिकी ड्रोन कंपनी Powerus और पाकिस्तान के बीच हुआ नया समझौता रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने मानव रहित हवाई प्रणालियों के लिए Powerus को सीमित ऑर्डर दिया है और दोनों पक्षों ने व्यापक सहयोग की संभावनाओं को लेकर MoU किया है।
डील की रकम, ड्रोन की संख्या और उनकी तकनीकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है। साथ ही, भविष्य में स्थानीय उत्पादन या संयुक्त तकनीकी विकास की संभावनाओं पर बातचीत की जा रही है।
इस समझौते की वास्तविक अहमियत आने वाले महीनों में तब ज्यादा स्पष्ट होगी, जब अंतिम अनुबंध, तकनीकी विवरण और संभावित उत्पादन या सहयोग से जुड़ी अधिक जानकारी सामने आएगी।










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